डायरी गेम 4 फरवरी मम्मी के साथ अपने रिश्तेदारों के यहां जाना था।।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु । आज मैं सुबह उठी हु 6:30 बजे और फ्रेश होके जल्दी से अपने किचन को साफ करती हु , ऐसे तो मैं तो रात को ही कर देती हु कि सुबह जल्दी से मै अपने कम को कर लु। सबसे पहले मैने सबके लिए चाय बनाया फिर चाय सबको देने के सब पति जी को ऑफिस जाना था तो उनकी टिफिन की तैयारी में लग गई मै।
मैने जल्दी से तैयारी की टिफिन की क्यों कि मुझे भी एक रिश्तेदार के यहां जाना था उनकी बेटी को बच्चा हुआ था उस से को देखने के लिए इस वजह से भी मै जल्दी अपने कम को कर रही थी 9 बजे तक मै पति जी को टिफिन दे दिया उनको आफिस भी जाने के लिए तैयार भी करवा दिया था ।
जाने के लिए मै तैयार हुए ।
ये सब होने के बाद में सब कुछ करने के बाद 11 बजे नहा ने जाती हु क्यों कि अभी मै ठंड की वजह से सुबह नहीं नहा पाती हु वरना मेरे तबियत खराब हो जाती है सुबह नहा लू तो।
ये नहा मेहमान जिसे हम देखने के लिए हम गए।
मुझे जाना भी था तो मैं सबको खाना खिला कर निकल गए मै और मेरे सासू माँ वहां हमलोग 1 बजे तक पहुंच गए बच्चे को हमने देखा फिर बच्चे की मां को भी बहुत ही अच्छा लगा बच्चे को देख कर वहां सबने मुझसे भी बोला तब तुम्हारी बारी है हमें भी जल्दी से बच्चे का मुंह देखो।
सासू माँ और मेरे तो पार्टी होगे आज बाहर।
ये सब होने के वही हमने लंच किया मुझे घर भी जल्दी आना था क्यों कि घर में सब लोग इंतज़ार कर रहे होगे क्यों कि उनके भी चाय का टाइम होगया था वहां जाकर मुझे ओर मेरे सासू माँ को भी अच्छा लगा सबसे ज्यादा तो बच्चे से मिलकर लगा अच्छा ,, नाश्ते में उन्हें ने समोसे और निकलने के बाद मैं और मम्मी दोनों ने मंचूरियन ओर मोमोज खाया। मजे ही आयेगा,
मुझे साड़ी पहना बहुत ही अच्छा लगता है।
वापस अपने घर आए हमलोग कपड़े चेंज करने के बाद थोड़ा रेस्ट किया फेर बिस्कुट पानी पीने के बाद रात के डिनर में लग गए मै सबको चाय पानी देने के बाद घर के नाश्ते में गाजर हलुआ बनाया था , सबको देने के बाद में रात का खाना बनाया ।
यह मेरा नाश्ता गाजर का हलुआ।
आज थक गए थी मै बहुत इस वजह से जल्दी सब कुछ किया ये जो दिन था आज का मेरा बहुत बिजी गया और अच्छा भी लग क्यों कि नहा मेहमान से मिलकर जो आए हमलोग।
धन्यवाद और नमस्ते दोस्तों!






