Beautiful thought

in #beautiful11 months ago

भूतकाल का चिंतन व्यर्थ है जो हुआ सो हुआ आपने काम की बार बार प्रशंसा न करें किसी के असभ्य व्यवहार और पीड़ा का व्याख्यान निर्थक है सिर्फ लोगों के मनोरंजन का
जो समय रहते नहीं संभल पाया उसके पास कुछ फ़ोटो माला पहनी और कुछ फूल रह जाते हैं!!
crafto_1739249630190.png