The Diary Game is 1823th entry 23th Jan 2026.
Morning time.
सुबह लगभग 5:30 पर अलार्म बजना है तब मुझे नींद बहुत ही अच्छी आ रही तो मैंने अपना थोड़ा जरा सा जगा और अलार्म को बंद कर दिया लेकिन फिर से मैं सो जाता हूं तभी मुझे अचानक याद आता है कि मुझे जागना है कि देर हो सकती है मैं फिर चाहे बच के 5 मिनट पर कमरे से बाहर आया और पानी पिया फ्रेश होने चला गया बाकी वह हम क्या 7:00 बजे दूध लेकर घर पर आ गया वह पूरा करने के बाद कुछ कपड़ों पर प्रेस करें फिर मैं अपने पौधों को देखा तो चारों तरफ सही है लेकिन बात मौसम बादल छाए हुए हैं मैं तैयार हो जाता हूं स्कूल जाने के लिए तैयार हूं लेकिन 9:00 बारिश शुरू हो गई है मैं इंतजार कर रहा हूं बारिश कब समय लेकिन बारिश नहीं थम रही है इसलिए मैंने 10:00 बजे कर से जाने का फैसला किया कर स्टार्ट की और निकल गया स्कूल पहुंचने के बाद मैं कर को बाहर खड़ा कर दिया और अंदर गया वहां पर जाकर देखा तो आज भी बहुत सारे बच्चे काम आए हैं लेकिन मैंने कुछ कार्यक्रम के लिए तिरंगा तैयार करवाया था सभी बच्चे बनाकर लाए हैं कुछ बच्चे बहुत ही सुंदर तिरंगा लेकर आए हैं तो सबसे पहले प्रस्तुत करते हैं उन बच्चों का तिरंगा जो सबसे बेहतर बना रहे हैं
फिर मैं कक्षा आठ में जाता हूं वहां पर देखता हूं कि मैडम ने कुछ बनवाने के लिए दे दिया है मुझे लगा अच्छा लगा फिर कक्षा छे साथ में भी ऐसा ही हो जाता है फिर मैं कक्षा 5 में जाता हूं तो वहां पर छात्र एक उत्तम कल के लिए मैं एक तिरंगा बनाने के लिए देता हूं उसे बनाने में मुश्किल से 5 या 7 मिनट लगते हैं और वह पूरी पूरी तिरंगा का ध्वज सिर्फ 5 मिनट में तैयार कर देती है यह कलाकार बेहतर एक्सपीरियंस के साथ नया अनुभव देने को मिलता है मेरी क्लास में यह तीन या चार बच्चे ऐसे हैं जो अपनी कला को बेहतर बनाते हैं इसे देखकर मुझे खुशी होती है और मैं शाबाश कहता हूं और आने वाले दिनों में और बेहतर होंगे दोपहर हो गया यह बारिश भी पड़ रही है तो मुझे इंतजार करना है कि कब छुट्टी हो सकती है
बरसात का मौसम अभी चल रहा है लेकिन घर से लंच बॉक्स आया था जिसे मैं खोल कर देखा देखा तो घर से भोजन बहुत ही आलू के पराठे और दही है जिसके भजन और भी स्वादिष्ट बन जाता है मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिन में और बेहतर होगा लेकिन कभी-कभी कुछ भोजन ऐसा होता है जो हमारी सोच से अलग होता है तो मैं अपना भोजन करता हूं तो खाना खाने के बाद में आज टाइम लेने गया क्योंकि बार-बार बारिश हो रही है और मुझे इंतजार करना है फिर मैं अब मैं कमरे में बैठकर ही मैं थोड़ी देर बैठता हूं फिर कमरे में टहलने लग जाता हूं।
तब मैं कहता हूं कि अभी तो बारिश हो रही है फिर मैं बाहर जाकर देखा हूं तो बहुत जोर जोरदार बारिश हो रही है मैडम ने कहा कि जब भी बारिश बनती है तो छुट्टी का घोषित कर दिया जाएगा 1:03 हुई थी तो बारिश रुक गई है तब मैंने मैडम को बताया कि बारिश रुक चुकी है आप जल्दी से छुट्टी का ऑर्डर दे दीजिए सभी कक्षा में जाता हूं ऑर्डर देता हूं और कहता हूं सभी कारण भाई बच्चे सबसे पहले गाड़ी और बस के आएंगे तो छोटी बहन में सभी बच्चे बैठा दी उसके बाद सभी रिक्शा के बच्चे निकाल दिए गए हैं जो पैदल वाले बच्चे हैं उन्हें थोड़ी देर रोक लिया है क्योंकि अभी बूंदाबांदी हल्की सी हो रही है क्योंकि बारिश थमने के बाद उन्हें भेजेंगे फिर बारिश रुक जाती है 2:00 बजे करीब तो फिर हम पैदल वाले बच्चों को भी भेज देते हैं
चार बज चुके हैं तब कोरियर वाले का फोन आता है भैया कहां कहां हो मैं ऑफिस में बैठा हूं आप आ जाइए उन्होंने कहा आप आज ही बाहर में हूं तो मैं बाहर निकाल कर जाता हूं तो देखता हूं कि कोरियर वाला खड़ा है वहां से पांच आइटम लेता हूं जो घर के आइटम में जैसे 2 साल से एक ही का पैकेट है और दो समान अन्य चीजों में है जिसमें मैं सभी पैसों का मूल्य ₹1299 देता हूं सभी को मिलाकर देखो तो करीब ₹2000 करीब बैठे हैं मुझे ₹700 का प्रॉफिट हुआ कभी-कभी ऑनलाइन खरीदने में फायदा हो जाता है लेकिन ऑफलाइन भी खरीदने में लाभ मिलता है इसलिए दोनों जगह देखने से पहले ही ऑर्डर करें क्योंकि पहले जो भी आप प्रोडक्ट उत्पाद मांगना चाहते हैं वह हमेशा ऑनलाइन चेक करें फिर दुकान पर पूछे जहां पर आपको कीमत अच्छी कम मिलती है वहां पर जाकर आप उसे खरीद सकते हैं इसलिए हमेशा कभी भी लालच के चक्कर में ना आए यह मेरा एक अनुभव है मैं आपको बताना चाह रहा हूं।
पांच बज चुके हैं आज ऑफिस में कोई भी छात्र नहीं आया है उसका कारण है सुबह से हल्की वर्षा हो रही है मुझे उम्मीद है कि अब व्हाट्सएप्प बंद हो गई है लेकिन कोई छात्र आएगा लेकिन 5 वाले बैच में भी कोई छात्र नहीं आया इसलिए मैंने अपना कंप्यूटर रूम बंद करो घर की जाने की तैयारी कर रहा हूं फिर घर से कॉल आता है कि आपको कुछ गरम लेकर आना है तब मैं एक दुकान पर जाता हूं वहां से कुछ पकोड़े गरम-गरम लेता हूं और उन्होंने पैक करने में काम से कम 15 से 20 मिनट लेते हैं 6:20 हो चुके हैं तब मैं घर के नहीं निकलता हूं घर पहुंचने के बाद सभी पकोड़े मिलकर हम कहते हैं बरसात के मौसम में यह हमेशा स्वादिष्ट होते हैं
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |







