The Diary Game is 1972 entry 26th june 2026.Preparing for a new dream in life
Morning time.
सुबह जागना नींद से भरा कठिन होता है लेकिन फिर भी मैंने सोचा क्यों ना कमरे से बाहर आ जाए 5:15 पर मैं कमरे से बाहर आया और अपने लिए गिलास गर्म पानी किया पानी पीने के बाद फ्रेश होने चला गया वापस फिर मैंने अपना योग किया आजकल में योग को टाइम देता जा रहा हूं पहले से शरीर फिट है मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बेहतर हो सकता है फिर मैंने अपना व्यायाम किया और फिर मैं दूध लेने चला जाता हूं वापस आता हूं और कुछ देर बाद में स्नान की तैयारी कर रहा हूं तैयार होने के बाद मैं सुबह का नाश्ता किया और फिर मैं।
फिर मैं स्कूल के लिए निकल जाता हूं सुबह सवेरा जाने के बाद में फिर बच्चों को कार्य देना शुरू कर देता हूं उसके बाद फिर मैं ऊपर पेंटर से मिलने गया तब मैंने देखा कि पेंटर भैया कहां है लेकिन समझ में नहीं आया फिर मैंने खोज पूछा कि वह पर तीसरी मंजिल हुआ था मैं वहां पर पहुंचता हूं और देखता हूं कि प्रिंटर तो मुझे लगता है कि वह समय पर सब चीज अच्छी होगी लेकिन उन्होंने कुछ चीज गलती की है मुझे लगता है कि सभी चीज समय पर हो जानी चाहिए लेकिन कुछ चीज तो मुझे लगता है कि गलत हो सकता है।
सुबह के 11 बैच में केवल तीन ही छात्र मुझे लगता है कि और छात्र जाना चाहिए लेकिन अभी दो छात्रों का प्रवेश हुआ है लेकिन काम लग रहा है क्योंकि कुछ प्रवेश गलत हो गया है जिस कारण मुझे लगता है कि प्रवेश फॉर्म भर देना चाहिए मैंने कुछ नहीं स्कीम भी शुरू करी है लेकिन कोई भी फर्क नहीं पड़ता है मुझे लगता है उसे थोड़ा समय और अधिक लगेगा लेकिन उन चीजों को खराब करने के लिए इसलिए मैंने उन चीजों को नोट करने की कोशिश की है जिसमें कुछ गलती हो सकती है लेकिन मैं कभी कुछ चीज ऐसी हो जाती है जो मेरे लिए भी फल हो सकती है इसलिए मैंने अपनी पूरी कोशिश की है छात्रों को प्रतिदिन नया सीखने की उम्मीद है।
दोपहर के समय मैं देखता हूं कि मेरे ऑफिस के बाहर कुछ बंदर आ गए हैं जिन्हें मैं जाता रहा हूं लेकिन कुछ बंदर पानी पी रहे इसलिए मैंने हटाने की कोशिश नहीं की क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि वह बंदर पानी पीकर चले जाएंगे लेकिन मैं ऐसा नहीं करते किसी से के पास आए और एक दूसरे को परेशान कर रहे हैं इसलिए मुझे लगता है कि उसे परेशानी से दूसरों को कठिनाई हो सकती है लेकिन ठीक है जैसा करो कुछ भी करने से पहले हमें सोच लेना चाहिए तब वह पानी पीकर से दोनों बंदर चले जाते हैं और

शाम हो गई है तब मुझे याद आता है कि नोनू की चप्पल को सही करवाना है तब मैं एक मोची के पास जाता हूं वह हमेशा हमारे लगभग यहां से 200 300 मी पास रहते हैं तो मैंने पूछा आप यह दोनों चप्पल ठीक कर दोगे उन्होंने कहा ठीक है हमसे चप्पल ठीक कर देंगे मैंने कहा क्या कर जाएगा उनका ₹20 महीने का ठीक है बहुत अच्छा
| Photos captured by | @ahlawat |
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| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
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| 25% to | @null |
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