मेरी ज़िंदगी की अनकही कहानी

Episode#1
हर इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा दिन आता है, जिसे वह कभी नहीं भूल पाता। मेरे लिए भी वह दिन आ चुका था... लेकिन मुझे बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद मेरी पूरी दुनिया बदलने वाली है।

मेरा नाम आर्यन है। मैं एक साधारण लड़का हूँ। मेरे सपने भी साधारण थे—अच्छी पढ़ाई, एक अच्छी नौकरी और अपने परिवार को खुश देखना। मेरी ज़िंदगी हमेशा एक सीधी सड़क की तरह चल रही थी। हर दिन लगभग एक जैसा होता था।

उस सुबह भी सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

अलार्म की आवाज़ से मेरी आँख खुली। मैंने खिड़की खोली तो ठंडी हवा मेरे चेहरे से टकराई। बाहर आसमान हल्के बादलों से ढका हुआ था। ऐसा लग रहा था जैसे मौसम किसी अनजानी कहानी का इंतज़ार कर रहा हो।

मैंने जल्दी से तैयार होकर नाश्ता किया और कॉलेज के लिए निकल पड़ा। रास्ते में रोज़ की तरह लोग अपनी-अपनी मंज़िल की ओर जा रहे थे। कोई जल्दी में था, कोई मुस्कुरा रहा था, तो कोई अपने ही ख़यालों में खोया हुआ था।

कॉलेज पहुँचा तो सब कुछ सामान्य लग रहा था। दोस्तों के साथ हँसी-मज़ाक हुआ, क्लास लगी और समय धीरे-धीरे बीतता गया।

लेकिन दोपहर के बाद...

अचानक मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई लगातार मुझे देख रहा हो।

मैंने पीछे मुड़कर देखा।

कोई नहीं था।

मैंने सोचा शायद मेरा भ्रम होगा।

कुछ मिनट बाद फिर वही एहसास हुआ।

इस बार मैंने चारों तरफ़ ध्यान से देखा। तभी कॉलेज के पुराने बरगद के पेड़ के पास एक आदमी खड़ा दिखाई दिया। उसने काले रंग के कपड़े पहन रखे थे और उसकी नज़रें सीधे मेरी तरफ़ थीं।

जैसे ही हमारी नज़रें मिलीं...

वह मुस्कुराया।

लेकिन वह मुस्कान बिल्कुल सामान्य नहीं थी।

उस मुस्कान में एक अजीब-सा रहस्य छिपा था।

मैं उसकी तरफ़ बढ़ा, लेकिन अचानक कुछ छात्र मेरे सामने आ गए। जब मैंने दोबारा उस जगह देखा...

वह आदमी ग़ायब हो चुका था।

मैंने पूरे कॉलेज में उसे ढूँढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका कहीं कोई निशान नहीं मिला।

शाम को जब मैं घर पहुँचा तो मेरे कमरे का दरवाज़ा आधा खुला हुआ था।

मैंने साफ़ याद किया कि सुबह निकलते समय मैंने उसे अच्छी तरह बंद किया था।

दिल की धड़कन तेज़ हो गई।

मैंने धीरे-धीरे दरवाज़ा खोला।

कमरे में सब कुछ अपनी जगह पर था...

सिवाय एक सफ़ेद लिफ़ाफ़े के।

उस पर सिर्फ़ मेरा नाम लिखा था।

काँपते हाथों से मैंने लिफ़ाफ़ा उठाया।

जैसे ही उसे खोलने लगा...

अचानक पीछे से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया...

मैं डर के मारे पलटा...

और वहीं मेरी साँसें थम गईं...

जारी रहेगा...