The Diary Game is 1844th entry 13th Feb 2026. Swami Vivekananda
Morning time.
सुबह का टाइम बदलने से बहुत ही अच्छा हुआ है जिस कारण मुझे बहुत सारी समस्या से दूर हो गई है मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में 5-10 मिनट ऊपर करना होगा लेकिन अभी 515 ही रहने देता हूं सुबह जागने में थोड़ा समय लगता है बिस्तर में बैठकर फिर मैं अपने बारे में सोचता हूं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आज का दिन अच्छा हो कभी-कभी दिन खराब भी हो जाता है लेकिन उसके लिए एहसास होता है कि मुझे कभी देर हो सकती थी लेकिन फिर मैं कभी से बाहर आया और अपने लिए गिलास गर्म पानी किया पानी पीने के बाद फ्रेश होने चला गया वापस आया और व्यायाम शुरू किया वह भी पूरा हो जाता है वह फिर मैं अपने कपड़ों प्रेस भी कर ली है कपड़ों पर इस कंप्लीट करने के बाद फिर में स्नान करता हूं तैयार हो जाता हूं मुझे स्कूल में जाना है और समय पहुंच भी जाता हूं
सबसे पहले मैंने अपना कंप्यूटर ओपन किया ओपन करने के बाद मुझे आज स्वामी विवेकानंद की एक तस्वीर लेनी है वह एक महान भारतीय थे जिनकी गाथा बहुत ही कम लोग जानते हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि आज मैं बच्चों से पूछूंगा यह कौन है और क्या इनके बारे में आप जानते हैं फिर मैं कक्षा में जाता हूं कक्षा आठवीं चित्र बनाना शुरू करते हैं चित्र बनाने में 10 से 15 मिनट साथ रोग लगते हैं फिर मैं पूछता हूं कि क्या करना चाहिए उसके बाद एक उनके बारे में पूछता हूं कि आज यह कब पैदा हुए थे उन्होंने बताओ ना 12 जनवरी को पैदा हुआ इसलिए मुझे लगता है की उम्मीद पता होना चाहिए कि क्या व्यक्ति ऐसा था।
फिर मैं कक्षा 7 में जाता हूं वह वहां पर चित्र बनाने के लिए लड़की देता हूं कहता हूं कि उन्हें बनाना चाहिए लेकिन उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा तो फिर उन्होंने मैंने पूछा कि इसके बारे में आप जानते हैं लेकिन उन्होंने कहा नहीं हम कर उनके बारे में नहीं जानते हैं तो मैं उनके बताया कि वह स्वामी विवेकानंद थे जो 12 जनवरी में कोलकाता में पैदा हुए थे और उनके परिवार बहुत ही अच्छी तरीके से भयभीत कर रहे थे लेकिन जैसे-जैसे बड़े हुए वैसे-वैसे ज्ञान बढ़ता गया तो उन्होंने बहुत कुछ सीखा।
उनके पिता वकील थे और भी हमेशा हर चीज की बातें जानते थे उनकी माता एक धार्मिक महिला थी वह भी जानते थे गुरु को दर्शन करने के लिए बस कुछ सीखा और सबको प्रेरणा दी मैं जानते थे कि ईश्वर कौन है और कैसे व्यतीत होता है उन्होंने यहां पर देखा कि ईश्वर कुछ नहीं है एक दूसरों को टॉर्चर करते हैं लेकिन उनकी शिक्षा के विचार बहुत ही अच्छे थे वे सभी को चरित्र निर्माण साधन मानते थे क्योंकि वह जानते थे कि सभी समान है और सब की मंजिल प्राप्त करने के लिए सभी को कठिनाई होती है लेकिन उनका योगदान सबसे बढ़कर था पहले व्यक्ति थे जो हमें शिक्षा के क्षेत्र में नियुक्ति करें
इंटरवल हो गया सभी बच्चे भोजन कर रहे हैं उसके बाद इंटर समाप्त होगी कक्षा चार में जाता हूं वहां पर भी मैं यही चित्र बनाने के लिए यहां पर बहुत ही छात्र ने बहुत ही खूबसूरत बनाई यह देखकर मुझे अच्छा लगा फिर कक्षा थर्ड में मैंने यह जीत नहीं दिया मैंने चित्र को दूसरा दिया क्योंकि वह हमेशा जानते हैं तो इसलिए मुझे लगता है कि कुछ अलग चीज हो सकती है उसके बाद फिर मैं अपने ऑफिस आ गया अपना भोजन खिला देखा कि आज भोजन में घर से आलू गाजर की सब्जी बनाकर भेजिए साथ में दही भी है यह बहुत ही स्वादिष्ट है भोजन करने के बाद पहले निकल जाता हूं कुछ देर बाद में पहले निकल जाता हूं उसके बाद वापस आता हूं और अपने पेपरवर्क में लग जाता हूं आजकल पेपर में बहुत ज्यादा हो गया इसलिए मुझे थोड़ी उम्मीद है कि सारा काम पूरा होजाएगा।
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |

.png)


