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RE: मेरे आतुर मन की पीड़ा

in Hindwhale Community12 hours ago (edited)

आपकी बहन के बारे में सुनकर काफी दुख हुआ । भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। आपको और आपके पूरे परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।

आपने बहुत ही भावनात्मक पोस्ट यहां पर साझा किया है, मानो आपने अपना पूरा दिल दिल खोल कर रख दिया है। मैं आपके मन की पीड़ा को बहुत अच्छे से समझ पा रही हूं, क्योंकि इस समय मैं भी इसी प्रकार की पीड़ा से जूझ रही हूं । जब आप किसी अपने के लिए सच्चे दिल से कुछ करते हैं और आपको लोग उसके बाद भी संदेह की दृष्टि से देखते हैं । बार-बार आपकी परीक्षा लेते हैं रिश्तेदारी में । तो कहीं ना कहीं दिल बार-बार टूटता है और फिर एक समय ऐसा आता है कि रिश्ता भी बोझ लगने लगता है।

अभी 2 दिन पहले मैने इसी मन की पीड़ा से संबंधित एक पोस्ट लिखी है। जिसका आप को लिंक दे रही हूं। क्योंकि रिश्तेदार जब धोखा देते हैं तो विश्वास के साथ-साथ आत्मा भी छलनी हो जाती है। मेरी भी नंद का यही स्वभाव है, एक ही नंद है मेरी। जिसके लिए मैं बहुत करने की कोशिश करती हूं । उसकी दृष्टि में भावनाओं , प्रेम का कोई मोल नहीं है।
सच कहूं तो अब इस रिश्ते से मुझे कोई उम्मीद भी नहीं बची बस फॉर्मेलिटी ही बची है।

https://steemit.com/hindwhale-community/@aviral123/good-behaviour-vs-money

आपका दिन शुभ हो।