डायरी गेम 16 फरवरी आज मेरे सासू मां ने मेरे लिए बहुत ही प्यार से खाना निकल के लाए।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु । मै अपनी डायरी लिख नहीं पाए थी क्यों कि महाशिवरात्रि मै थोड़ी बिजी थी क्यों कि आप सब जानते ही हो पूजा पथ में कितना कम होता है, इस वजह से मै समय निकल ही नहीं पाए उपर से घर के कम भी होते है।
सुबह 5 बजे ही उठ जाती हु रूम, कीचन साफ का कर के नहा लेती हु उसके बाद पूजा कर के आती हु तो सबके लिए सबसे पहले चाय बना देती हु।कल मैने फास्ट रखा था महाशिवरात्रि का इस वजह जल्दी उठती हु क्यों कि आज मेरे हसबैंड का ऑफिस भी होता तो उनकी टिफिन भी तैयारी करनी होती है इस वजह से मैने सोचा कि टिफिन,
मैं और मेरे हसबैंड सुबह के समय का फोटो।
मै राइस, केला का भुजिया, सब्जी और अचार देती हु क्यों कि घर में सबका फास्ट था तो इस वजह मैने एक ही बार सब का खाना बनाया दिया।
यह खाना मैंने बनाया था मेरे सासू मां ने मुझे प्यार से निकल के दिया।
घर से मेरे हसबैंड 8:30 बजे तक ऑफिस के लिए निकल जाते है, उसके बाद मुझे थोड़ा चक्कर जैसा आने लगता है तो मेरे सासू मां मेरे लिए खुद से खाना निकल के लाती है , और अपने लिए भी साथ में बैठ कर दोनों सास बहू खाते है बहुत ही अच्छा लगता है।
ये मेरे चूड़ियां।
मुझे मेरे सासू मां ने चूड़ियां गिफ्ट किया था क्यों कि फास्ट पुरानी चूड़ियां नहीं पहने जाती हैं पर्पल कलर मुझे पसंद भी है बहुत , कम होने के बाद थोड़े देर मै सो गई जाकर रूम में फिर 12 बजे उठी तो हल्की फुल्की भूख लगे तो मैने मटर भून के खाया और सासू मां को भी दिया बहुत ही अच्छा लगा मीठा मीठा।
फास्ट की वजह से मेरे हालत खराब होगे थी।
4:30 चाय बने गए सबको देने के बाद में, डिनर की तैयारी में लग जाती हु मै डिनर में आज मैने आलू कोबी का सब्जी बनाया और रोटी गरम गरम।
शाम को मेरे हसबैंड आते उनको चाय नाश्ता देती हु जब वो फ्रेश होके आते है।
उनको अचानक से आलू बोंडा खाने का मन करता है तो मुझे साथ लेकर जाते है कि मैं भी कुछ खा लूंगी पर मेरा मन नहीं होता है कुछ खाने,,
शाम का समय खाने का भीड़ थी, बहुत ये खाओ गाली है।
मुझे खुद भी समझ में नहीं आ रहा है कि आजकल मुझे बाहर का खाने का बिल्कुल मन नहीं करता है बस इसी के साथ हम लोग घर वापस आ जाते हैं। मेरे आज थोड़ी हालत खराब थी फास्ट की वजह से जो मैने किया था कल ,,
बस आज ऐसे ही दिन निकल गए मेरे ।
धन्यवाद और नमस्ते दोस्तों!






