डायरी गेम 19 सितंबर मेरा जन्मदिन का यह दिन बहुत अच्छा गया।
नमस्ते सबको! मैं भारत से शिखा हूँ,आशा है आप लोग खुश और समृद्ध होंगे आशा करती हु। आज मेरा दिन है मतलब ये कि आज मेरा जन्मदिन है सुबह उठ के सबसे पहले फ्रेश होके हमेशा की तरह अपनी कम करने लगती हु।
मेरे ननद जी मेरे यह दिन को खास बने के लिए बहुत से योजना बनाकर रखते हैं 8:00 बजे तक मैने सब कुछ तैयार कर लिया हसबैंड जी का भी टिफ़िन तैयार कर दिया था।
सासू मां ने भी मुझे आशीर्वाद के साथ बहुत ही प्यारा गिफ्ट दिया वो गिफ्ट जब मैने खोला तो मुझे बहुत ही पसंद आया , एक टी-शर्ट के साथ थ्री क्वार्टर बहुत आरामदायक कपड़ा होता है घर के काम करने में बहुत ही आराम मिलता है।।
मेरे जन्मदिन पे जो गिफ्ट मुझे सासू मां ने दिया वह मैंने पहन भी लिया।।
घर से हम लोग 10:00 तक निकल जाते हैं घर से 5 मिनट के ऑटो मिल जाता है । राम मंदिर जा रहे थे हम लोग यहां का वह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है बिष्टुपुर में यह मंदिर स्थापित है मुझे बहुत ही खुशी मिलती है वहां जाकर और मेरे लिए आज इतना खास दिन था ,
मैं और मेरे ननद जी मंदिर के बाहर यह फोटो लिया मैने।।
इस दिन पर मैं अपने पसंदीदा जगह गई
यह सरप्राइज मुझे बहुत पसंद आए हम लोग ने पंडित जी को प्रसाद दिया उन्होंने पूजा कर दिये।
बहुत ही स्वादिष्ट दोसा था ।।
कुछ फोटोज लिया हमने साथ में फिर अकेले का भी सबसे मज़े की बात यह कि बारिश भी होने लगी थी मौसम भी बेहद अच्छा हो गया था हल की थोड़ा हम दोनों भीग गए थे पर साथ में। छाता भी रखा था,,,,
वहीं पर रेस्टोरेंट में हमने पहले एक-एक दोसा ऑर्डर किया यह खाने में बहुत ही अच्छा लगता है इसलिए मैं कहीं भी जाती हूं तो मैं सबसे ज्यादा यही व्यंजन खाना पसंद करती हूं।
आज मैंने अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पे यह साड़ी पहना मैंने।।
11:45 वहां से हम लोग बिल पेमेंट कर निकलते हैं क्योंकि घर भी टाइम पर आना था ननद जी का आफिस भी था 2:00 से कहीं लेट ना हो जाए इस वजह से जल्दी करने लगे।
बहुत ही मजा आया घर आ कर थोड़ा रेस्ट किया मैने उसके बाद खाना खाया हम सबने फिर हसबैंड का कॉल आता की आज हम लोग बाहर जायेंगे खाने के लिए तो मैने घर में रात का खाना नहीं बनाया बस नाश्ता में हलुवा बनाया वह सब को नाश्ता करवा दिया मुझे मीठे में यह बहुत अच्छा लगता है सिंपल भी है ।।
यह जब ऑफिस से घर आ रहे थे तो मेरे लिए लेकर आए ।।
वह ऑफिस से आए तो चाय पानी कर के फ्रेश होके चेंज करते तब तक मै भी तैयार हो जाती हु मेने शूट पहना की हल्का भी होगा और अच्छा भी लगे गा 7:30 बजे तक घर से निकल जाते है।
यह मेरा आज का डिनर।।
हमने छोले भटूरे खाए बहुत ही अच्छा लगा और बहुत ही अच्छा गेया यह जो मेरा जन्मदिन था उसका यह दिन मेरे परिवार वालों ने बहुत ही खास बनाया दिया।।






