आधी रात का साया
एक छोटे से गांव में एक पुराना और सुनसान घर था। लोग कहते थे कि उस घर में कोई नहीं रहता, लेकिन रात के समय वहाँ अजीब आवाजें सुनाई देती थीं।
एक दिन रवि नाम का लड़का अपने दोस्तों से शर्त लगाकर उस घर में रात बिताने चला गया। आधी रात के करीब अचानक उसे ऊपर वाले कमरे से किसी के चलने की आवाज आई। उसने सोचा शायद कोई जानवर होगा, लेकिन आवाज धीरे-धीरे सीढ़ियों से नीचे आने लगी।
रवि का दिल तेज़ धड़कने लगा। उसने टॉर्च जलाई, लेकिन सामने कोई नहीं था। तभी अचानक उसके पीछे से किसी ने धीरे से उसका नाम पुकारा, “रवि…”
वह डरकर पीछे मुड़ा, मगर वहाँ कोई नहीं था। कमरे की खिड़की अपने-आप खुल गई और ठंडी हवा चलने लगी।
अचानक दीवार पर एक काली परछाईं दिखाई दी जो धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ रही थी। रवि भागने के लिए दरवाज़े की तरफ दौड़ा, लेकिन दरवाज़ा बंद हो चुका था।
फिर वही आवाज आई, “तुम यहाँ क्यों आए हो…?”
अगली सुबह गांव वालों ने देखा कि घर का दरवाज़ा खुला हुआ है… लेकिन रवि कहीं नहीं मिला।
तब से लोग कहते हैं कि उस घर में अब दो साये रहते हैं… एक पुराना, और एक नया। 👻