The Diary Game is 1834th entry 3rd Feb 2026. Bhaat filling on the first day of marriage

in Incredible India12 days ago (edited)

My dear friends how are you I hope welcome to our community in children when we sleep we don't think about anything Then I want to take rest but sometimes there are some things that we have to complete but I am feeling sleepy so I want to sleep.Maybe sometimes when we attend any program, we get very tired due to which we always feel like sleeping. I also feel the same.The best way to sleep is in your own bed, but sleep is always necessary.

Morning time.

IMG_20260203_111911443.jpg

बहुत ही प्यारी नींद आ रही है क्योंकि रात भर काम करने के बाद सुबह जल्दी उठना बहुत ही कठिन हो रहा है 5:45 पर मेरी नींद से जाग जाता हूं और फिर मैं कमरे से बाहर आया और अपने लिए एक गिलास गर्म पानी किया गर्म पानी पीने के बाद मैं जल्दी से फ्रेश होने चला गया वहां जैन के बाद 15 मिनट में हम क्या दूध देने चला गया फिर आया और जल्दी से कपड़ों पर प्रेस करिए तैयार हो गया क्योंकि आज हमें बुआ के घर जाना है जिसमें हमें वहां पर पहले की तैयारी करनी है भात भरने की करनी है।
फिर हम 9:00 बजे वहां पर पहुंच गए और सबसे पहले वह आने से विश्वास के साथ एक तस्वीर ली और बहुत ही अच्छा लगा तस्वीर लेने के बाद हमने फिर कार्यक्रम को शुरू करने में थोड़ा समय लगता है इसलिए थोड़ा वक्त दिया और फिर भोजन का भी समय हो गया है दोपहर हो गई है भोजन करने का के बाद ही सब बाकी कार्य कियाजाएगा।

IMG_20260203_123852183.jpg

फिर सभी फूफा जी हमारे सभी को भोजन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं वह कह रहे हैं कि सभी अपना भोजन कर लीजिए क्योंकि उसके बाद परिवार की महिला भोजन करेंगे इसलिए उन्होंने बिना रुके सभी गांव में भी आवाज लगा रहे हैं इसलिए हम तुम पर पहुंच गए और हमने भोजन किया भोजन में तीन-चार आइटम के जैसे मूंग की दाल का हलवा सबसे ज्यादा पसंद है उसके बाद हमने जिसमें हमने उसके बाद थोड़ी सी कचोरी ली फिर मैंने आलू मटर की सब्जी ली थोड़ा सा सलाद लिया और फिर बैठकर कुर्सी पर भोजन करने शुरू कर दिया है भोजन बहुत ही स्वादिष्ट था इसलिए थोड़ी सी रायता भी लिया जिसे हम दही बोलते हैं।

IMG_20260203_134018372.jpg

फिर सभी एक दूसरे घर में जाते हैं और वहां सर ढोलक के साथ बुआ के घर पर आते हैं जिसमें हमने दो या चार मिनट लगती है और ढोलक बजाती आती है और हम आगे आगे बढ़ते रहते हैं इस तरह हम भात बनने की तैयारी कर रहे हैं। सभी इंतजार कर रहे हैं कि कब कार्यक्रम शुरू होगा क्योंकि अब प्रतीक्षा नहीं हो रही है दो बज चुके हैं इसलिए जल्दी से जल्द कार्य पूरा हो जाना चाहिए क्योंकि कोई भी त्रुटि आई तो दिक्कत हो सकती है मौसम भी खराब है लेकिन मौसम में धूप निकलने की उम्मीद लगारही है।

IMG_20260203_135233744.jpg

फिर ढोलक वाले ने बहुत ही अच्छी तरह संगीत बजाना शुरू किया मुझे अच्छा लगा कि इस पर संगीत भी आता है क्योंकि वह अपनी लाल पर लाल लग रहा था ऐसा लगता था कि तरीका बहुत ही अलग है दूसरों से क्योंकि यह बहुत ही तैयारी कर कर आया है मुझे लगता है कि यहां से हमारे से 1 से ₹2000 लेकर जाएगा फिर जब इसका कार्य खत्म हो गया तो हमने से पैसे देने के लिए कहा पहले ₹500 दिए तो उन्होंने कहा कि नहीं सर आपको ₹1000 कम से काम देने चाहिए फिर हमने उसे ₹1000 दे दिए हैं क्योंकि आज अच्छा पर्व है जिस कारण हमें कोई भी त्रुटि नहीं करनी है इसलिए हमने ढोलक वाले को ₹1000 दिए और वह खुशी से बजाता हुआ अपने घर चला गया।

IMG_20260203_135411716.jpg

फिर शुरू होता है भात भरने की तिथि शुरू होती है जिसमें हमें समय के अनुसार तिलक लगाकर यह रस्म को पूरा करना होता है जिसमें सभी घर के सदस्य इस रस्म को निभाते हैं। फिर सभी का नंबर आता है मेरा भी नंबर आ गया है तो मैं भी अपना तरफ से जो भी हुआ वह मैंने अनुदान किया क्योंकि मैं जाता हूं कि किसी प्रकार का कोई भी कमी ना हो और सभी ने मिलकर एक लाख ₹30000 भात भरने में दिए और यह उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बेहतर होगा इससे बुआ और भी खुश होगी और हमारे लिए यह है की उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बेहतर होने कीउम्मीद है।।

IMG_20260203_145539330.jpg

तीन बज चुके हैं धर चलने की तैयारी हो रही है लेकिन उससे पहले कल की तैयारी के बारे में बात कर रहे हैं सभी ने रिचार्ज में बस किया और कहा कि कल सुबह 9:00 बजे तक उपस्थित होना है लेकिन कोई भी एक 9:00 बजे प्रस्तुत हो सकता है बाकी सब सीधा बारात में आगमन कर सकते हैं लेकिन फिर बात हुई कि सभी को घर से चलना है लेकिन सभी ने अपने विचारों प्रस्तुत की और कहा कि कार्यक्रम 8:00 बजे से शुरू हो जाएगा इसलिए सभी को समय पर बारात में पहुंचना है और आने में कोई भी देरी नहीं करनी है सभी ने हां बोल दिया है और मुझे उम्मीद है कि सभी समय पर अपने बारात में प्रस्थान कर सकते हैं।
फिर हम करके नहीं निकल जाते हैं लगभग 1 घंटा में घर आने में लगता है और सबसे पहले मैंने अपने कपड़े बदले और फिर ऑफिस के नहीं निकल जाता हूं ऑफिस पहुंचने में लगभग मुझे 10 मिनट लगे जाकर वहां पर मैं थोड़ा सा काम किया काम करने के बाद कुछ चीज खरीदना चाहता हूं लेकिन नहीं मिली है दूसरी दुकान पर गया वहां पर भी नहीं मिली है इसलिए मैं फिर घर के लिए आ जाता हूं और अपना भोजन करता हूं रात का कार्यक्रम कर रहा हूं और फिर मैं सो जाता हूं।

Photos captured by@ahlawat
The Diary GameRemember God to make one day better.
Device nameNothing
LocationKhatauli
25% to@null
I hope you like this.Thanks for reading. You are all welcome..

Sort:  
 11 days ago 

Respected @ahlawat
Please write your post more than 300 words.

Posted using SteemX