पतानहीं कितना अंधकार था मुझमें पता मैं सारी उम्र चमकने......

in #poem • 5 years ago



पतानहीं कितना अंधकार था मुझमें पता मैं सारी उम्र चमकने की कोशिश में बीत गया धूमिल'."