पतानहीं कितना अंधकार था मुझमें पता मैं सारी उम्र चमकने......shridhi (47)in #poem • 5 years ago पतानहीं कितना अंधकार था मुझमें पता मैं सारी उम्र चमकने की कोशिश में बीत गया धूमिल'."