पृथ्वी की गोलाई समेटे नथनी झूलती है भविष्य-सा कई जंगल हैं सीने में मगर ढूँढ़़ती............

in #poem4 years ago



पृथ्वी की गोलाई समेटे नथनी झूलती है भविष्य-सा कई जंगल हैं सीने में मगर ढूँढ़़ती है गीत M पूरी शिवालिक शुंखला का नाम है औरत औरत पहाड़ का नाम है

Coin Marketplace

STEEM 0.06
TRX 0.31
JST 0.059
BTC 70636.26
ETH 2157.03
USDT 1.00
SBD 0.51