just in indian market oil prices up to 457 rupees per litre escallation started
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट से दुनिया भर में क्रूड की सप्लाई टाइट होने से इसकी कीमत में भारी तेजी आई है। इससे भारत के लिए मुश्किल हो सकती थी क्योंकि भारत अपना 85 फीसदी तेल आयात करता है। लेकिन अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत दी है। अमेरिका ने भारतीय रिफाइनरीज को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थाई मोहलत दे दी है। होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बंद होने से कच्चे तेल की कीमत में 20 फीसदी तक तेजी आ गई थी। हालांकि आज इसमें कुछ गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड करीब दो फीसदी गिरावट के साथ 83.72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एनर्जी एजेंडे से तेल और गैस का उत्पादन अब के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। ग्लोबल मार्केट में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ट्रेजरी डिपार्टमेंट रूसी तेल खरीदने के लिए भारतीय रिफाइनर्स को 30 दिन की अस्थाई मोहलत दे रहा है। इससे रूसी सरकार को कोई वित्तीय फायदा नहीं होगा क्योंकि इससे केवल समुद्र में फंसे तेल का लेनदेन होगा।
भारत अहम पार्टनर
बेसेंट ने कहा, 'भारत अमेरिका का अहम पार्टनर है और हम करते हैं कि भारत अमेरिका से तेल की खरीद बढ़ाएगा। यह अस्थाई उपाय ग्लोबल एनर्जी को बंधक बनाने की ईरान की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करेगा।' रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा एनर्जी सप्लायर है। हालांकि हाल के महीनों में भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में कटौती की है। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से एक बार फिर भारत रूसी तेल का रुख कर रहा है।