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नई फसलनई फसल आने से होगा प्याज की बढ़ती कीमतों में सुधार: पटनायक

,8 टमाटर के बाद अब प्याज की अचानक बढ़ती हुई कीमतोंको लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। कृषि सचिव शोभना केनई फसल आने से होगा प्याज की बढ़ती कीमतों में सुधार: पटनायक

नई दिल्ली, 8 अगस्त: टमाटर के बाद अब प्याज की अचानक बढ़ती हुई कीमतों को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। कृषि सचिव शोभना के पटनायक का कहना है कि प्याज कीमतों में वृद्धि एक तात्कालिक मामला है। अगले महीने नई फसल आने के बाद स्थिति में सुधार होगा।

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार पटनायक ने कहा है कि अगले माह तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त आपूर्ति है तथा सरकार प्याज के थोक और खुदरा बिक्री मूल्य की करीब से निगरानी रख रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार महानगरों में प्याज का खुदरा मूल्य 32-40 रुपये किलो के दायरे में है। कुछ थोक बाजारों में प्याज की कीमत 20-22 रुपये प्रति किलो के दायरे में है। उन्होने कहा, “हम कीमतों की करीब से निगरानी कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि यह (मूल्य वृद्धि) अधिक समय तक रहेगी। यह तात्कालिक मामला है। कीमतों में कमी होगी।”

उन्होंने कहा कि अभी तक कर्नाटक से जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को आ जाना चाहिए था, लेकिन कमजोर बरसात के कारण फसल प्रभावित हुई है, इसलिए यह अभी मंडियों में नहीं आई है।

कृषि सचिव ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश से फसल के आने के बाद अगले महीने से आपूर्ति में सुधार होगा। कुछ राज्यों में विशेषकर आंध्र प्रदेश में जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को खेतों से निकाला जा रहा है। इससे आपूर्ति में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों में गिरावट आएगी।

राजस्थान में कुछ स्थानीय प्याज की उपलब्धता से आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव में दरों में वृद्धि होने के मद्देनजर मौजूदा समय में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आंध्र प्रदेश के कुरनूल में जल्दी तैयार होने वाले खरीफ प्याज बेचा जा रहा है।

स्रोत:
नई
विषय

डायरिया (दस्त / अतिसार) से बचने के उपाय...उस व्यक्ति से साक्षात्कार जो किसानों की उपभोक्ताओं के रूप में अपने अधिकार जानने में मदद कर रहा है...रेगिस्तानी राज्य में दर्ज की गई मानसून की अधिक बारिश...पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फ़सली अवशेष जलाने को लेकर एनजीटी ने अपनाया कड़ा रुख ...2 अगस्त तक बारिश ने छू लिया है एलपीए का 100% आंकड़ा इस सप्ताह भी देश भर में अलग अलग स्थानों पर हो सकती है अच्छी बरसात ...बेहतर मॉनसून से सुधर रहा है जल संग्रहण देश के पास पिछले वर्ष से 104% अधिक हुआ प्रमुख जलाशयों में जल भंडार ...अब तमिलनाडू में भी बन सकती है उत्तर प्रदेश के गन्ने की चीनी ...चालू खरीफ सीजन में हो सकता है रिकार्ड उत्पादन पिछले साल के मुक़ाबले 22.38 लाख हेक्टेयर अधिक हो चुकी है बुवाई ...अति आपूर्ति से पीड़ित हैं आलू उत्पादक किसान ... पटनायक का कहना है कि प्याज कीमतों में वृद्धि एक तात्कालिक मामला है। अगले महीने नई फसल आने के बाद स्थिति में सुधार होगा।

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार पटनायक ने कहा है कि अगले माह तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त आपूर्ति है तथा सरकार प्याज के थोक और खुदरा बिक्री मूल्य की करीब से निगरानी रख रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार महानगरों में प्याज का खुदरा मूल्य 32-40 रुपये किलो के दायरे में है। कुछ थोक बाजारों में प्याज की कीमत 20-22 रुपये प्रति किलो के दायरे में है। उन्होने कहा, “हम कीमतों की करीब से निगरानी कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि यह (मूल्य वृद्धि) अधिक समय तक रहेगी। यह तात्कालिक मामला है। कीमतों में कमी होगी।”

उन्होंने कहा कि अभी तक कर्नाटक से जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को आ जाना चाहिए था, लेकिन कमजोर बरसात के कारण फसल प्रभावित हुई है, इसलिए यह अभी मंडियों में नहीं आई है।

कृषि सचिव ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश से फसल के आने के बाद अगले महीने से आपूर्ति में सुधार होगा। कुछ राज्यों में विशेषकर आंध्र प्रदेश में जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को खेतों से निकाला जा रहा है। इससे आपूर्ति में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों में गिरावट आएगी।

राजस्थान में कुछ स्थानीय प्याज की उपलब्धता से आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव में दरों में वृद्धि होने के मद्देनजर मौजूदा समय में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आंध्र प्रदेश के कुरनूल में जल्दी तैयार होने वाले खरीफ प्याज बेचा जा रहा है।

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नई दिल्ली, 8 अगस्त: टमाटर के बाद अब प्याज की अचानक बढ़ती हुई कीमतों को लेकर सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है। कृषि सचिव शोभना के पटनायक का कहना है कि प्याज कीमतों में वृद्धि एक तात्कालिक मामला है। अगले महीने नई फसल आने के बाद स्थिति में सुधार होगा।

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार पटनायक ने कहा है कि अगले माह तक घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त आपूर्ति है तथा सरकार प्याज के थोक और खुदरा बिक्री मूल्य की करीब से निगरानी रख रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार महानगरों में प्याज का खुदरा मूल्य 32-40 रुपये किलो के दायरे में है। कुछ थोक बाजारों में प्याज की कीमत 20-22 रुपये प्रति किलो के दायरे में है। उन्होने कहा, “हम कीमतों की करीब से निगरानी कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि यह (मूल्य वृद्धि) अधिक समय तक रहेगी। यह तात्कालिक मामला है। कीमतों में कमी होगी।”

उन्होंने कहा कि अभी तक कर्नाटक से जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को आ जाना चाहिए था, लेकिन कमजोर बरसात के कारण फसल प्रभावित हुई है, इसलिए यह अभी मंडियों में नहीं आई है।

कृषि सचिव ने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश से फसल के आने के बाद अगले महीने से आपूर्ति में सुधार होगा। कुछ राज्यों में विशेषकर आंध्र प्रदेश में जल्दी तैयार होने वाली खरीफ प्याज को खेतों से निकाला जा रहा है। इससे आपूर्ति में सुधार होगा और आने वाले दिनों में कीमतों में गिरावट आएगी।

राजस्थान में कुछ स्थानीय प्याज की उपलब्धता से आपूर्ति की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक और लासलगांव में दरों में वृद्धि होने के मद्देनजर मौजूदा समय में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में आंध्र प्रदेश के कुरनूल में जल्दी तैयार होने वाले खरीफ प्याज बेचा जा रहा है।

स्रोत: बिजनेस स्टेंडर्ड

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डायरिया (दस्त / अतिसार) से बचने के उपाय...उस व्यक्ति से साक्षात्कार जो किसानों की उपभोक्ताओं के रूप में अपने अधिकार जानने में मदद कर रहा है...रेगिस्तानी राज्य में दर्ज की गई मानसून की अधिक बारिश...पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में फ़सली अवशेष जलाने को लेकर एनजीटी ने अपनाया कड़ा रुख ...2 अगस्त तक बारिश ने छू लिया है एलपीए का 100% आंकड़ा इस सप्ताह भी देश भर में अलग अलग स्थानों पर हो सकती है अच्छी बरसात ...बेहतर मॉनसून से सुधर रहा है जल संग्रहण देश के पास पिछले वर्ष से 104% अधिक हुआ प्रमुख जलाशयों में जल भंडार ...अब तमिलनाडू में भी बन सकती है उत्तर प्रदेश के गन्ने की चीनी ...चालू खरीफ सीजन में हो सकता है रिकार्ड उत्पादन पिछले साल के मुक़ाबले 22.38 लाख हेक्टेयर अधिक हो चुकी है बुवाई ...अति आपूर्ति से पीड़ित हैं आलू उत्पादक किसान ...

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Kaash ye jaldi se ho. jeena mushkil ho gaya hai.

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