कभी गम से गुजरता हूँ मैं तो कभी होता है सामना खुशी से, मुसाफिर हूँ मैं .............

in #thinking5 years ago



कभी गम से गुजरता हूँ मैं तो कभी होता है सामना खुशी से, मुसाफिर हूँ मैं अकेला यहाँ भी, सफर कट ही जायेगा ये हँसी से, क्यों दुनिया की चाह करू मैं, क्या वास्ता रखूं फिर यहाँ सभी से,