The Diary Game is 1937 entry 10th may 2026. Sunday became a special day.
Morning time.
सुबह लगभग 2:00 बजे मेरी नींद से जाग गया तब देखता हूं मेरी थोड़ी सी तबीयत खराब हो रही है फिर मैंने सोचा क्यों ना थोड़ा आराम किया जाए फिर मैं सो जाता हूं लेकिन नींद नहीं आई इसलिए 5:00 मैं अपने कमरे से बाहर आया और अपने लिए गिलास गर्म पानी पिया पानी पीने के बाद सोचा कि मैं अपनी एक तबीयत खराब की दवाई ले सकता हूं तब भी तू लगभग 6:35 पर जागती है मैंने पूछा कि बुखार की दवाई है उन्होंने कहा नहीं दवाई है पर वह 500 माग की है मैंने कहा ठीक है आप मुझे दे दीजिए। फिर मैं सबसे पहले अपना बॉडी चैकअप किया चेकअप करने के बाद पता लगा कि बुखार तो है ही नहीं नॉर्मल है इसलिए मैं बुखार की दवाई नहीं ली फिर मैं अपना दूध का डिब्बा लिया और दूध लेने चला गया वहां से दूध वालों को पैसा दिया और फिर नई की दुकान पाता हूं वहां पर बाल कटवाए वापस घर पर आ गया
फिर मैं खेत में जाने की तैयारी कर रहा था लेकिन मैंने सोचा पहले भोपाल में चलते हैं लेकिन अभी तक अस्पताल खुला नहीं है मैंने फोन मिलाकर देखा तो फोन बंद आ रहा है तो मैंने सोचा चलो इतने घूमने निकल जाते हैं मैं कुछ बदल यात्रा तय करता हूं लगभग 1 किलोमीटर ही क्योंकि आज मैं ज्यादा दूर तय नहीं करूंगा क्योंकि तबीयत खराब है रात में पैसा लाने वाले मुझे मुसाफिर दिखाई देते हैं यह हमेशा साइकिल पर आते हैं और एक लंबी यात्रा करते हैं लेकिन मैंने अपनी यादों को बीच में से ही वापस मोड़ दिया और फिर मैं घर आ गया 8:00 से तब मैं अपने स्कूटर की धुलाई करता हूं और फिर मैंने देखा कि पाताल ओपन हो गया है फिर मैं स्कूटर लेकर वहां पर गया और अपने लिए डॉक्टर साहब से बात के लिए दवाई के लिए बारे में बताओ उन्होंने का बुखार है पर अभी नहीं आगे हो जाएगा मैंने कहा मुझे दो खुराक दे दीजिए फिर वह मुझे दो खुराक देते हैं ₹50 दिया और फिर मैं घर पर वापस आ गया।
उसके बाद मैं सिर्फ फोटो की नहीं राय गुड़ाई के लिए थोड़ा सा काट डाला समय में पानी दिया 11:00 बज चुके थे स्नान किया तैयार हो गया तैयार होने के बाद अपना नाश्ता किया नाश्ता करने के बाद भोजन भी प्राप्त कर लिया भोजन प्राप्त करने के बाद फिर मैं मिरर जाने की तैयारी कर रहा हूं लेकिन उसमें समय लगेगा लेकिन मैं सोचता हूं कि समय से पहले हो जाए तो अभी बेटर है उन्होंने कहा ठीक है तो मैं पहुंचता हूं और वहां पर अपनी कर से पहुंच पहुंचने के बाद मैं अपने स्कूटर अपने दोस्त का लिया और मार्केट में घूमना शुरू कर दिया जितना सामान था सारा लेना शुरू कर दिया फिर मैं थोड़ा सा सामान लिया और डिजाइनिंग वाली लाइट वाली लाइन में गया वहां पर पूजा मैडम क्या भाव है उन्होंने कहा यह आपको ₹35 का 28 रुपए पड़ेगा और जो 4000 का आपको भी बैठा है इस समय पड़ेगा मैं ₹25 लगा लीजिए उन्होंने कहा नहीं सर इससे काम नहीं होगा तो मैंने कहा ठीक है आप पैक कर दीजिए यह पैसे पड़े और फिर मैं उनसे तहसील देता हूं और दूसरी जगह चला जाता हूं
तभी रास्ते में भाई का कॉल आता है वह कहता है कि आपको कुछ नंबर लेकर आने हैं मैंने कहा ठीक है तो मैं क्या करता हूं सबसे पहले मैं सबसे पहले मैंने अपने मित्र को स्कूटर दिया उसके बाद में फिर अपनी कर में सारा सामान रखा उसके बाद में फिर सबसे पहले भाई के बताई हुई दुकान पर जाता हूं वहां पर डंपर पूछता हूं एक ₹50 किलो 150 रुपए किलो एक ₹80 किलो है मैंने कहा सबसे अच्छा कौन सा है ₹50 किलो वाला मैंने कहा ठीक है सर यह दे दीजिए वह खोलकर अच्छी तरह चेक करवाते हैं चेक करवाने के बाद मैं 10-10 किलो के डंबल सारे गाड़ी में रख दिए उसके बाद में सबसे पहले वहां पर जाता हूं जहां पर गाड़ी के कवर चढ़ाया जा रहे हैं उन्होंने कहा कि आपको ₹6000 कर मिलेंगे दुकान पर लिख रखा है ₹3500 मैं अगर ठीक है आप रहने दीजिए मुझे जरूरत नहीं है फिर मैं उसके बाद में सीता वहां पर जाता हूं कुछ गमले खरीद रखे और साथ में मैंने कुछ खाद भी रखा क्योंकि आज मैं कर लेकर आया था तो मैंने सारा सामान रखदिया है मुझे फिर मैं घर जाने की तैयारी कर रहा हूं इसलिए मैं सीधा घर के लिए प्रस्थान किया लगभग 7:35 पर मैं पहुंचा और सबसे पहले मैंने भोजन किया भोजन करने के बाद में काफी थक चुका था लेकिन एक पोस्ट प्रस्तुत करने के बाद और भी थक गया फिर मैं फोन पर बैठा बैठा मैं सो रहा था इसलिए मैं कुछ देर बाद पीछे लेट जाता हूं और तभी मुझे नींद आ जाती है फिर मेरी आंख खुलती है तो मैं अपनी 10:00 चार तस्वीर डालकर पोस्ट कर देता हूं और उसके लिए मैं समा भी चाहता हूं क्योंकि आने वाले दिनों में कोशिश करूंगा कि मेरा इस तरह की गलती ना हो
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |





