The Diary Game is 1942 entry 28th may 2026.
Morning time.
सुबह मेरा जागना काफी हद तक ठीक होता जा रहा है लगभग 5:00 बजे जाग जाता हूं और कमरे से बाहर आता हूं फिर मैं फ्रेश होने चला जाता हूं वापस आता हूं अपना व्यायाम शुरू कर देता हूं व्यायाम में लगभग 10 से पढ़ने मत लेता हूं लेकिन व्यायाम में पूरा कर रहा हूं सुबह का मौसम बहुत ही अच्छा हो रहा है इसलिए व्यायाम करने में और भी आनंद आ रहा है फिर मैं अपने पौधों को पानी देता हूं देखता हूं कि अमरुद बहुत सारे आने शुरू हो गए हैं लेकिन मैं कटिंग करने के बाद फायदा मिला है जिसमें और क्लियर निकाल कर आ रही है जिसमें कम से कम 20 से 25 काली आई है मुझे लगता है 1 मिनट से 10 या 5 अमरुद बन सकते हैं आने वाले दिनों में बेहतर होगा फिर मैं अपने स्नान के लिए बाथरुम में गया और तैयार हो गया।

10 बज चुके थे तब मैं अपने ऑफिस के लिए निकल जाता हूं ऑफिस पहुंचने के बाद मेरे छात्र बाहर ही मिलते हैं तब मैंने अपना कंप्यूटर चालू कर दिया और करना शुरू कर देते हैं उसके बाद मैं छात्रों को नया काम बताना शुरू कर दिया मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी तेजी से कार्य सीखना शुरू हो जाएगा फिर मैं दो छात्रों के ऑनलाइन फॉर्म भर रहा हूं भरने के बाद सभी को मैंने बता दिया है उसके बाद कोई भी तो रोटी नहीं रहेगी इसलिए 12:00 बज चुके हैं तब मैंने अपना भोजन खोलकर देखा तो घर से भिंडी और प्याज की सब्जी है या हमेशा स्वादिष्ट होती है भोजन हमेशा हमारे लिए शानदार रहता है क्योंकि घर का भजन हमेशा शुद्ध और देसी घी का बना होता है बाहर का भजन हमेशा डालता और तेल का उपयोग भी किया जाता है जिस कारण में भर का भजन बहुत ही काम करता हूं
आज मैं थोड़ा सा खाली हूं इसलिए मैंने मूवी ऑन कर लेगी यह वेब सीरीज है जिसे मैं स्वाफ्ट का पहला ही सीजन देख रहा हूं जिसमें मुझे लगता है की कहानी अच्छी होगी लेकिन पहले पाठ में मजेदार था दूसरा पार्ट इतना अच्छा नहीं लगा अब देखता हूं लगातार तीन या चार पाठ देखूंगा की कुछ अलग है या नहीं है मजेदार होगा तो आगे बडूंगा नहीं तो कैंसल कर दूंगा लेकिन मुझे नहीं लगता की कहानी को जबरदस्त होगी बाकी बातों में भी कहानी सेमी है दूसरे में जबरदस्ती जो शुरुआत में अच्छी कहानी लिखी थी लेकिन अब तो उन्होंने बस गुना किया गुना वालों को पकड़ लिया और बाकी जीते जा रहे हैं मुझे नहीं लगता किसी तरह यह वेब सीरीज चलेगी लेकिन साथ पाठ बड़े हैं तो कुछ ना कुछ अलग क्या होगा।
शाम हो गई लगभग सात बज चुके हैं तब मैंने अपना ऑफिस बंद किया सबसे पहले में बाजार में जाता हूं वहां से मैं केक खरीदने के लिए सोचा क्योंकि मेरे बेटे ने मुझे पेटी लाने के लिए कहा है तो मैं उनके लिए बेटी तैयार कर दी है वह कह दे एक से दो दिन में पेटी और विश्व अच्छी बनेगी आप जब ले लेना मैं का कोई बात नहीं आप मुझे दे दीजिए तब मैं 8 फीट ही और दुकानदार को ₹80 दिए ₹80 देने के बाद मैं बेटी को पैक कराया डिब्बे में और स्कूटर में रख लिया रखने के बाद में दूसरी जगह जाताहूं।
वहां पर मुझे पृथ्वी के लिए खिलौने खरीदने थे खिलौने खरीदने में बहुत सारी चीज उन्होंने पूछा कि क्या रेट चाहिए मैंने कहा सब सस्ता सा खिलौना दिखा दीजिए उन्होंने ₹50 खोलो ना देखा मुझे पसंद नहीं आया मैंने कोई और खिलौना नहीं करने लगे मैंने किस कर में कोई और खिलौना है उन्होंने फिर मुझे आखरी में बहुत देर तक खोजने के बाद उन्होंने एक मुझे लाल रंग की कर दिखाई जो लगभग 135 थी मैंने कहा सर इसका क्या रेट लग जाए और उनका ₹120 दे दीजिए मैंने कहा ₹700 दे दो उन्होंने कहा ठीक है सर आप हमें ₹100 दे दीजिए ₹100 देने के बाद में उन्हें मुझे लगता है कि यह ₹50 की कीमत की है कर छोटी है लेकिन खूबियां अधिक है लेकिन पृथ्वी को पसंद आएगी तो ₹100 मेरे लिए कोई अधिक मायने रखते क्योंकि बच्चा गुस्सा तो पैसे की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए और बच्चा कुछ नहीं है तो पैसों की कीमत कोई वैल्यू नहीं है इसलिए मुझे लगता है कि सही कीमत जरूरी होनी चाहिए फिर मैं घर जा रहा हूं घर पहुंचने के बाद सबसे पहले अपने कपड़े बदले और फिर मैं भोजन के लिए बैठ गया भोजन की कुछ देर कंप्यूटर खोला और पोस्ट प्रस्तुत कर रहा हूं उसके बाद में सो जाता हूं
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
| I hope you like this. | Thanks for reading. You are all welcome.. |




