The Diary Game is 1906 entry 6th April 2026. Monday—a new day.
Morning time.
सुबह बहुत तेज नींद आ रही है लेकिन जागना जरूरी है क्योंकि समय हो गया है 5:00 चुके हैं और अलार्म बज रहा है तब मैंने अपना अलार्म बंद किया और कमरे से बाहर आ गया फिर मैं गिलास गर्म पानी किया और पानी पीने के बाद फ्रेश होने चला गया वापस आया और अपना योग शुरू कर दिया है जिसमें लगभग मैंने 1 घंटा योग किया 6:30 बज चुके हैं और दूध लेने जा रहा हूं वापस आता हूं और अपने पौधों को पानी देता हूं तभी देखा हूं कि कुछ टमाटर धरती पर गिर गए हैं और मैंने उन्हें धागे से बांधकर ऊपर उठा दिया है मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और अच्छे टमाटर होंगे पूरा प्रयास है कि मेरी घर की नर्सरी और भी सुंदर हो सकती है लेकिन मुझे उसके लिए और पैसा खर्च करना होगा मुझे थोड़े गमले चाहिए अच्छे वाले जो बड़ा और विशाल हो जिसमें अच्छी चीज लगा सकूं और बेहतर अपनी नर्सरी को सुंदर बनासुकून।
फिर मैं बाथरुम गया और स्नान किया तैयार हो गया सुबह के नाश्ते में मैंने एक रोटी ली और एक गिलास दूध पिया और फिर मैं स्कूल के लिए निकल जाता हूं 7:50 रहे थे तब मैं स्कूल पहुंच जाता हूं और पृथ्वी को भी कक्षा में भेज देता हूं नर्सरी कक्षा में जाता हूं तो मैडम पढ़ना शुरू कर रही है मैंने देखा कि वहां छोटे बच्चों को इंग्लिश में कुछ पढ़ाया जा रहा है मैं देख कर अच्छा लगा और साथ में जानकारी यह भी मिली कि हर बच्चा कुछ ना कुछ सीखने को मिलेगा एक तरफ नर्सरी के बच्चे एक तरफ एलजी के क्योंकि दूसरे जगह कुछ किताबें रखी है इसलिए दोनों कक्षा को एक जगह बता दिया है मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह कक्षा में और भी छात्र आएंगे और मेरे लिए अच्छा होगा कि स्कूल में प्रतिदिन छात्रों की बढ़ाने की संख्या आगे बढ़ते रहेगी।
दोपहर का समय होते ही भोजन याद आ जाता है तभी मैंने अपना भोजन गर्म करने के लिए लगा दिया है भोजन गर्म होने में काम से कम 15 मिनट लगती है भोजन गर्म होने के बाद मैंने अपना लंच बॉक्स खोल देखा तो दही और साथ में आलू की सब्जी है आलू की सब्जी के साथ दही बहुत ही स्वादिष्ट होती है थोड़ा सा मसाला भी दही में है जिससे धनिया और जरा पीसकर हमेशा मेरी धर्मपत्नी दही का उपयोग करती है वह खाना हमेशा अच्छा बनाती है लेकिन कभी-कभी कुछ चीज खराब बन जाती है उसके लिए मैं उसे कभी कहता नहीं हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि हर चीज बटर नहीं हो सकती इसलिए हमेशा सोच समझकर आगे बढ़ना चाहता हूं

शाम के समय काफी छात्र उपस्थित होने लगे हैं जिस कारण कंप्यूटर सेंटर फिर से भरने लगा है मुझे उम्मीद है कि अभी 30 छात्रों की कमी है 30 छात्र किसी तरह पूरे हो जाए तो मुझे बहुत ही अच्छा लगेगा मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं लेकिन सफलता मिलना कठिन हो रही है लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं फिर मैं शाम के टाइम दुकानदार के पास गया वहां से पूछा भैया चैन क्या भाव है उन्होंने कहा 140 रुपए के हैं महीने का आप मुझे चैन दे दीजिए फिर वह चने दे देते हैं थोड़ी सी सेल दे देते हैं लेने के बाद सभी सारा सामान स्कूटर में रखा और फिर मैं घर के लिए निकल जाता हूं।
| Photos captured by | @ahlawat |
|---|---|
| The Diary Game | Remember God to make one day better. |
| Device name | Nothing |
| Location | Khatauli |
| 25% to | @null |
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