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RE: मेरे आतुर मन की पीड़ा

in Hindwhale Communityyesterday

सदा खुश रहो, प्रिय सादी, मेरी बॉर्डर पार की दोस्त।
तुम्हारे शब्दों का चयन मेरे घावों पर मरहम रख दिया, तुमने किसी जले हुए दिल पर पानी की बौछार मार दी , तुम्हारा दिल नेकियों से भरा हुआ हे. तुम एक बेहद शायराना अंदाज में टिप्पणी करती हे. इतना दिल को सकूंन तो मुझे किसी अपने ने भी नहीं पहुंचाया जितना आपके लफ्जो ने मुझे पहुंचाया। सच में जब से तुमसे बाते करता हूँ , में मजबूर हो जाता हूँ हर बार तुमको अपनी पोस्टें पढ़वाने के लिए और तुम्हारे लफ्जों को पढ़ने के लिए।
अल्लाह तुमको बरकतों से नवाजे ऐसी दुआ करता हूँ , और तुम्हारा जीवन सदा के लिए खुशियों से भर दे.

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Thank you for your kind and beautiful words. I pray Allah blesses your life with joy, peace, and endless happiness.

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